विटामिन (Vitamin) क्या है ? विटामिन के नाम उपयोग, स्त्रोत, रोग एवं लक्षण।

What is Vitamin? Vitamin names, uses, sources, diseases and symptoms. दोस्तों, जैसा की हमारे शरीर के लिए ऑक्सीजन, पानी, भोजन,वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट सभी जरुरी होता है। वैसे ही कम मात्रा में ही सही, लेकिन विटामिन (Vitamin) भी हमारे शरीर के लिए बहुत जरुरी होता है। आप विटामिन की कमी से बहुत सी बीमारियों का शिकार हो सकते है। विटामिन के बारे में खास बात यह है की, विटामिन हमारा शरीर खुद से नहीं बनाता या बहुत कम मात्रा में बनता है। ऐसे में विटामिन के बाहरी स्रोत (Vitamin ke Strot) लेना हमारे लिए जरुरी है जो भोजन से मिलता है।

ऐसे में हमें यह जानना जरुरी है की विटामिन क्या है (Vitamin Kya Hota hai), विटामिन कितने प्रकार के होते है (Vitamin kitne prakar ke hote hai), विटामिन की कमी से होने वाले रोग (Vitamin Ki Kami se hone Wale Rog), विटामिन के स्रोत (sources of vitamins), विटामिन की कमी के लक्षण (vitamin ki kami ke lakshan), विटामिन के रासायनिक नाम (vitamin ke rasayanik naam), और विटामिन के फायदे और नुकसान (vitamin ke fayde aur nuksan) आदि सभी जरुरी जानकारी आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे।

What Is Vitamins In Hindi विटामिन क्या होता है ?

दोस्तों विटामिन (Vitamin) को जीवन रक्षक यौगिक भी कहा जाता है। विटामिन ऐसे कार्बनिक यौगिक होते है। जो कम मात्रा में ही सही लेकिन हमारे शरीर के उचित कामकाज के लिए बहुत ही आवश्यक हैं। यह हमारे शरीर के जरुरी कार्यो को करने के लिए बल प्रदान करते है। और हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए मदद करते है। विटामिन का मुख्य स्रोत भोजन होता है। विटामिन हमें भोजन से मिलते है। हमारा शरीर खुद से विटामिन नही बनाता या बहुत ही कम मात्रा में बनता है, तो इनकी कमी हम भोजन से पूरी करते है।

विटामिन का महत्व Importance Of Vitamins

जैसा की हम सभी जानते है हमारे शरीर के लिए आहार, भोजन, वसा, कार्बोहाइड्रेड सभी जरुरी होता है। वैसे ही विटामिन्स (Vitamins) भी हमारे शरीर के लिए जरुरी होता है। विटामिन की कमी, बीमारियों को न्योता देना है। शरीर को निरोग रखने के लिए, शरीर को सही तरीके से कार्य करने के लिए विटामिन्स का बहुत महत्त्व होता है।

विटामिन की खोज किसने की थी Vitamin Ki Khoj Kisne Ki Thi

सबसे पहला विटामिन केसिमिर फंक (Casimir Funk) ने सन 1911 में खोजा था। जब उन्होंने विटामिन B1, जिसकी कमी से बेरी-बेरी रोग होता है उसे पृथक करने में सफलता प्राप्त की थी। हॉपकिंस तथा फंक ने 1912 में विटामिन्स की थ्योरी (Theory Of Vitamin) दी थी। इन्होने यह सिद्ध कर दिया था की हमारे भोजन में कुछ रासायनिक तत्व होते है, जो हमारे शरीर के लिए जरुरी होते है।

इसी तरह से विटामिन A (Vitamin A) की खोज, मेक कॉलम (Mc Collum), विटामिन C की खोज सेंजट गियोर्जी ने 1928 में की और विटामिन D की खोज मिलान बाय (Millan By) के द्वारा की गई।

विटामिन की परिभाषा (Definition Of Vitamin)

“विटामिन्स ऐसे कार्बनिक यौगिक है जो प्रतिदिन कम मात्रा में ही सही, लेकिन हमारे शरीर के उचित काम-काज के लिए बहुत ही आवश्यक होते हैं। विटामिन हमारे शरीर में विकास एवं उपापचय नियंत्रक पदार्थ की तरह कार्य करते है, एवं यह हमारे शरीर की वृद्धि के लिए भी आवश्यक होते है।”

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विटामिन के प्रकार (Types of vitamin)

वर्गीकरण के आधार पर विटामिन दो प्रकार के होते है। कुछ विटामिन जल में घुलनशील होते है एवं कुछ विटामिन वसा में घुलनशील होते है।

वसा में घुलनशील विटामिन : यह ऐसे विटामिन है जो सिर्फ वसा में ही घुलते है जल में नहीं घुलते है।

  • विटामिन – A
  • विटामिन – D
  • विटामिन – E
  • विटामिन – K

जल में घुलनशील विटामिन : यह ऐसे विटामिन्स होते है जो सिर्फ जल में ही घुलते है वसा में नहीं घुलते है।

  • विटामिन – B
  • विटामिन – C

विटामिन कितने प्रकार के होते है (Vitamin Kitne Prakar Ke Hote Hain In Hindi)

विटामिन्स (vitamins) प्रकार के होते है।

  • विटामिन A
  • विटामिन B या B1
    • विटामिन B2
    • विटामिन B3
    • विटामिन B5
    • विटामिन B6
    • विटामिन B7
    • विटामिन B9
    • विटामिन B12
  • विटामिन C
  • विटामिन D
  • विटामिन E
  • विटामिन K

Vitamin A (विटामिन ए)

विटामिन A का रासायनिक नाम रेटिनॉल या एंटीजीरोप्थेल्मिक (Retinol or antixerophthalmic) या इन्फेक्शन विटामिन है। इसकी खोज मैक कॉलम तथा डेविस ने 1913 में की। विटामिन A की कमी से रतौंधी रोग होता है। इस रोग से ग्रसित व्यक्ति को रात्रि में दिखाई नहीं देता है। यह रोग हमारे शरीर में विटामिन A की कमी हो जाने से होता है हमारी बॉडी को प्रतिदिन 2 मि.ग्रा विटामिन A की आवश्यकता होती है। हमारे शरीर में विटामिन A का निर्माण तथा संग्रह यकृत में होता है एवं यह विटामिन सूर्य के प्रकाश में नष्ट हो जता है।

विटामिन ए का रसायनिक नाम (Vitamin A ka Rasayanik naam) – रेटिनॉल या एंटीजीरोप्थेल्मिक (Retinol or antixerophthalmic) या इन्फेक्शन विटामिन है।

विटामिन ए के लक्षण (Symptoms of Vitamin A) – आँख की पुतली का सुखना, धीमी रोशनी में कम दिखाई देना, एपिथीलियम का किरैटीनीकरण होना, सुखी शल्कीय त्वचा होना।

विटामिन ए की कमी से होने वाले रोग (Vitamin A Ki kami se hone wale rog) – जीरोप्थेल्मिया या रतौंधी, निकटालोपिया एवं डर्मेटोसिस।

विटामिन ए के स्रोत (Vitamin A ke Strot) – हरी सब्जी, पीली सब्जी, मक्खन, लिवर ऑयल, अण्डे का योक, आम, संतरा, गाजर आदि।

विटामिन A के फायदे (Vitamin A ke Fayde) – विटामिन A से रतौंधी या जीरोप्थेल्मिया, निकटालोपिया एवं डर्मेटोसि, आँखो की रोशनी जाना, आँखो से सामने अँधेरा आना जैसी समस्याएँ नहीं होती है।

(विटामिन बी) Vitamin B1

विटामिन B को विटामिन B1 (Vitamin B1) के नाम से भी जाना जाता है। विटामिन B1 का रासायनिक नाम थायमिन, एंटीन्यूराइटिक या एंटी बेरी-बेरी है। इसकी खोज सी. फंक ने 1926 में की। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 1-1.5 मि.ग्रा विटामिन B1 की आवश्यकता होती है। Vitamin B1 की कमी हो जाने से हमारे शरीर में बेरी-बेरी रोग होता है। यह विटामिन कोशिकीय श्वसन में एन्जाइम की भाँति कार्य करता है। एवं शरीर में जल की मात्रा का नियमन करता है।

विटामिन B1 का रसायनिक नाम (Vitamin B1 ka Rasayanik naam) – थायमिन, एंटीन्यूराइटिक या एंटी बेरी-बेरी।

विटामिन बी1 के लक्षण (Symptoms of Vitamin B1) – भूख तथा भार में कमी, धीमी वृद्धि दर, पेशीय विघटन, तंत्रिकाओं में अत्यधिक उत्तेजन शीलता, हृदय के आकार में वृद्धि होना।

विटामिन बी1 की कमी से होने वाले रोग (Vitamin B1 Ki kami se hone wale rog) – एंटी बेरी-बेरी या ड्राइ बेरी-बेरी (मनुष्य में), पॉलीन्यूराइटिस (जन्तुओ में) या बेट बेरी-बेरी कार्डियो वैस्कुलर एट्रॉफी आदि।

विटामिन B1 के स्रोत (Vitamin B1 ke Strot) – बिना पॉलिश किया चावल, गेंहूँ, अण्डे, मांस, यीस्ट आदि।

विटामिन बी1 के फायदे (Vitamin B1 ke Fayde) – शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी1 होने से एंटी बेरी-बेरी या ड्राइ बेरी-बेरी (मनुष्य में), पॉलीन्यूराइटिस (जन्तुओ में) या बेट बेरी-बेरी कार्डियो वैस्कुलर एट्रॉफी आदि रोग नहीं होते है।

विटामिन बी 2 (Vitamin B2)

विटामिन B2 का रासायनिक नाम राइबोफ्लैविन या लैक्टोफ्लेविन या ओवोफ्लैविन या हिपैटोफ्लैविन है। इसकी खोज वरबर्ग तथा क्रिस्टेन ने की थी। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 1-2 मि.ग्रा की आवश्यकता होती है। इसकी कमी से त्वचा सम्बन्धी रोग होने लगते है।

विटामिन B2 का रसायनिक नाम (Vitamin B2 ka Rasayanik naam) – राइबोफ्लैविन या लैक्टोफ्लेविन या ओवोफ्लैविन या हिपैटोफ्लैविन होता है।

विटामिन बी2 के लक्षण (Symptoms of Vitamin B2) – मुख के किनारो पर त्वचा का फटना, जीभ में जलन, त्वचा में जलन इत्यादि।

विटामिन बी2 की कमी से होने वाले रोग (Vitamin B2 Ki kami se hone wale rog) – कीलोसिस, ग्लोसाइटिस, किरेटाइटिस आदि।

विटामिन B2 के स्रोत (Vitamin B2 ke Strot) – पनीर, अण्डे, यीस्ट, मीट, यकृत, अनाज, हरी सब्जी आदि।

विटामिन बी2 के फायदे (Vitamin B2 ke Fayde) – शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी2 होने से त्वचा सम्बन्धी रोग नहीं होते है।

विटामिन B3 (Vitamin B3)

विटामिन B3 का रासायनिक नाम पैन्टाथेनिक अम्ल (यीस्ट फैक्टर, एन्टी ग्रेइग फैक्टर इचिक या एंटी डर्मेटाइटिस फैक्टर) है। इसकी खोज विलियम ने 1933 में की थी। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 5-10 मि.ग्रा विटमिन B3 की आवश्यकता होती है। इस विटामिन का असर बालो पे होता है।

विटामिन B3 का रसायनिक नाम (Vitamin B3 ka Rasayanik naam) – पैन्टाथेनिक अम्ल (यीस्ट फैक्टर, एन्टी ग्रेइग फैक्टर इचिक या एंटी डर्मेटाइटिस फैक्टर) है।

विटामिन बी3 के लक्षण (Symptoms of Vitamin B3) – यह सभी प्रकार के प्लांट तथा एनीमल कोशिकाओ में पाया जाता है, इसकी कमी से बाल भूरे हो जाते है।

विटामिन बी3 की कमी से होने वाले रोग (Vitamin B3 Ki kami se hone wale rog) – बर्निग फीट सिंड्रोम, तंत्रिका अनियमितता।

विटामिन B3 के स्रोत (Vitamin B3 ke Strot) – सभी प्रकार के भोजन, यीस्ट, अण्डे, मीट, दूध, मूँगफली आदि।

विटामिन बी3 के फायदे (Vitamin B3 ke Fayde) – विटामिन बी 3 शरीर में भरपूर मात्रा में होने पर बालो का भूरा होना बंद हो जाता है और बर्निग फीट सिंड्रोम, तंत्रिका अनियमितता जैसे रोग नहीं होते है।

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विटामिन B5 (Vitamin B5)

विटामिन B5 का रासायनिक नाम नियासिन, निकोटिनिक एसिड, पेलाग्रा, प्रिवेंटिंग फैक्टर है। इसकी खोज गोल्डबर्गर ने 1912 में की थी। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 16-20 मि.ग्रा विटामिन B5 की आवश्यकता होती है। यह विटामिन NAD तथा NADP के निर्माण के लिए आवश्यक है, जो कोएंजाइम का निर्माण करते है।

विटामिन B5 का रसायनिक नाम (Vitamin B5 ka Rasayanik naam) – नियासिन, निकोटिनिक एसिड, पेलाग्रा, प्रिवेंटिंग फैक्टर है।

विटामिन बी5 के लक्षण (Symptoms of Vitamin B5) – खुरदुरी त्वचा, त्वचा में जलन जो बाद में छिलके की तरह तथा पैपिलेटेड हो जाती है, निर्जलीकरण तंत्रिकीय क्षरण जिससे पागलपन हो सकता है।

विटामिन बी5 की कमी से होने वाले रोग (Vitamin B5 Ki kami se hone wale rog) – पैलेग्रा, डर्मेटाइटिस, डायरिया, डिमेसिया, मृत्यु (4D-सिंड्रोम) आदि।

विटामिन B5 के स्रोत (Vitamin B5 ke Strot) – ताजा मीट, मछली, दूध, अनाज, दाल, यीस्ट आदि।

विटामिन बी5 के फायदे (Vitamin B5 ke Fayde) – Vitamin B5 की से त्वचा में जलन, खुरदुरापन नहीं होता और डायरिया जैसे रोग कम होने के चांस होते है।

विटामिन B6 (Vitamin B6)

विटामिन B6 का रासायनिक नाम पाईरिडॉक्सिन या एंटीडर्मेटाइटिस फैक्टर है। इसकी खोज गायोर्गी ने 1928 में की थी। हमारे शरीर के लिए 2 मि.ग्रा Vitamin B6 की आवश्यकता होती है। यह कोएंजाइम पाइरीडॉक्सल फास्फेट के निर्माण हेतु आवश्यक तत्व है, तथा चूहों में ट्यूबरकुलोसिस की वृद्धि को रोकता है।

विटामिन B6 का रसायनिक नाम (Vitamin B6 ka Rasayanik naam) – पाईरिडॉक्सिन या एंटीडर्मेटाइटिस फैक्टर है।

विटामिन बी6 के लक्षण (Symptoms of Vitamin B6) – RBC की कमी , केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का विनाश , त्वचा में घाव आदि।

विटामिन बी6 की कमी से होने वाले रोग (Vitamin B6 Ki kami se hone wale rog) – एनीमिया ,डर्मेटाइटिस ,लकवा ,चूहे की मृत्यु ,मानसिक रोग आदि।

विटामिन B6 के स्रोत (Vitamin B6 ke Strot) – यीस्ट ,अण्डे, दूध, सब्जी, केले।

विटामिन बी6 के फायदे (Vitamin B6 ke Fayde) – विटामिन B6 से त्वचा सम्बन्धी घाव कम, और एनीमिया, मानसिक रोग होने के कम चांस होते है।

विटामिन B7 (Vitamin B7)

विटामिन B7 का रासायनिक नाम बायोटिन, कोएंजाइम एबीडीन है। इसकी खोज बैटमेन व एलिसन ने 1916 में की थी। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 150-300 मि.ग्रा विटामिन B7 की आवश्यकता होती है। यह विटामिन वसा निर्माण के लिए आवश्यक होता है।

विटामिन B7 का रसायनिक नाम (Vitamin B7 ka Rasayanik naam) – बायोटिन, कोएंजाइम एबीडीन है।

विटामिन बी3 के लक्षण (Symptoms of Vitamin B7) – शल्कीय त्वचा, त्वचा में जलन आदि।

विटामिन बी7 की कमी से होने वाले रोग (Vitamin B7 Ki kami se hone wale rog) – डर्मेटाइटिस

विटामिन B7 के स्रोत (Vitamin B7 ke Strot) – सब्जी तथा अण्डे का योक।

विटामिन बी7 के फायदे (Vitamin B7 ke Fayde) – त्वचा संबंधी रोगो से मुक्ति।

विटामिन B9 (Vitamin B9)

विटामिन B9 का रासायनिक नाम फोलिक एसिड या फोलेसिन, एंटी एनिमिक फैक्टर है। इसकी खोज डे ने 1935 में की थी। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 0.4 मि.ग्रा विटामिन B9 की आवश्यकता होती है। यह विटामिन RBC निर्माण तथा DNA तंतु के निर्माण हेतु आवश्यक होता है।

विटामिन B9 का रसायनिक नाम (Vitamin B9 ka Rasayanik naam) – फोलिक एसिड या फोलेसिन, एंटी एनिमिक फैक्टर है।

विटामिन बी9 के लक्षण (Symptoms of Vitamin B9) – मुख में अल्सर बनना, RBC का बड़ा हो जाना।

विटामिन बी9 की कमी से होने वाले रोग (Vitamin B9 Ki kami se hone wale rog) – एनीमिया ,स्प्रू।

विटामिन B9 के स्रोत (Vitamin B9 ke Strot) – पालक, हरी सब्जियाँ, केला, संतरा आदि।

विटामिन बी9 के फायदे (Vitamin B9 ke Fayde) – DNA तंतु निर्माण में मदद के साथ साथ मुख में अल्सर बनने से रोकता है।

विटामिन B12 (Vitamin B12)

विटामिन B12 का रासायनिक नाम सायनोकोबाल एमीन, एनिमल प्रोटीन फैक्टर, कैसल इन्ट्रेंसिक फेक्टर है। इसकी खोज रिकेट्स ने 1948 में की थी। यह विटामिन RBC निर्माण तथा DNA रेप्लिकेशन में आवश्यक होता है।

विटामिन B12 का रसायनिक नाम (Vitamin B12 ka Rasayanik naam) – सायनोकोबाल एमीन, एनिमल प्रोटीन फैक्टर, कैसल इन्ट्रेंसिक फेक्टर है।

विटामिन बी12 के लक्षण (Symptoms of Vitamin B12) – अस्थि मज्जा में RBC निर्माण को कम कर देता है।

विटामिन बी12 की कमी से होने वाले रोग (Vitamin B12 Ki kami se hone wale rog) – पेरनीसियस एनीमिया।

विटामिन B12 के स्रोत (Vitamin B12 ke Strot) – मीट, अण्डे ,मछली आदि।

विटामिन बी12 के फायदे (Vitamin B12 ke Fayde) – आरबीसी निर्माण में मदद करता है।

विटामिन C (Vitamin C)

विटामिन C का रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक अम्ल है। इसकी खोज सेंजट गियोर्जी ने 1928 में की थी। यह आँत में Ca तथा Fe के अवशोषण, घावों को भरने में मदद करता है। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 40-60 मि.ग्रा विटामिन C की आवश्यकता होती है।

विटामिन C का रसायनिक नाम (Vitamin C ka Rasayanik naam) – एस्कॉर्बिक अम्ल है।

विटामिन सी के लक्षण (Symptoms of Vitamin C) – स्पंजी तथा ब्लीडिंग गम्स, भंगुर ब्लड वैसल्स तथा बोन्स।

विटामिन सी की कमी से होने वाले रोग (Vitamin C Ki kami se hone wale rog) – स्कर्वी।

विटामिन C के स्रोत (Vitamin C ke Strot) – सिट्रस फल जैसे -नींबू ,आम, आँवला, अमरुद आदि।

विटामिन सी के फायदे (Vitamin C ke Fayde) – विटामिन C से शरीर के घावों को भरने में मदद मिलती है। और स्कर्वी रोग होने का खतरा कम होता है।

विटामिन D (Vitamin D)

विटामिन D का रासायनिक नाम आर्गो कैल्सिफेरोल ,सन साइन विटामिन, एंटी रिकेटिक विटामिन है। इसकी खोज स्टीनबॉक तथा हेस ने 1924 में की थी। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 0.01 मि.ग्रा विटामिन D की आवश्यकता होती है।

विटामिन डी का रसायनिक नाम (Vitamin D ka Rasayanik naam) – आर्गो कैल्सिफेरोल ,सन साइन विटामिन, एंटी रिकेटिक विटामिन है।

विटामिन डी के लक्षण (Symptoms of Vitamin D) – अस्थियो में विकृति होना, कमजोर अस्थि का आसानी से टूटना।

विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग (Vitamin D Ki kami se hone wale rog) – बच्चों में रिकेट्स, वयस्कों में आस्टियोमलेसिया।

विटामिन D के स्रोत (Vitamin D ke Strot) – कॉड लिवर ऑयल, मक्खन, मछली, अण्डे, दूध, आदि।

विटामिन डी के फायदे (Vitamin D ke Fayde) – विटामिन D से बच्चों में रिकेट्स, वयस्कों में आस्टियोमलेसिया रोग नहीं होता है।

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विटामिन E (Vitamin E)

विटामिन E का रासायनिक नाम टोकोफेरॉल, एंटी स्येरिलिटी विटामिन है। इसकी खोज इवन व सोर ने 1922 में की थी। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 20 मि.ग्रा विटामिन E की आवश्यकता होती है।

विटामिन ई का रसायनिक नाम (Vitamin E ka Rasayanik naam) – टोकोफेरॉल ,एंटी स्येरिलिटी विटामिन है।

विटामिन ई के लक्षण (Symptoms of Vitamin E) – RBC का विघटन, नर में नपुंसकता, मादा में गर्भपात, पेशियों का विघटन।

विटामिन ई की कमी से होने वाले रोग (Vitamin E Ki kami se hone wale rog) – एनीमिया, नपुंसकता, मस्कुलर एट्रोपी।

विटामिन ई के स्रोत (Vitamin E ke Strot) – ताजी हरी सब्जियाँ, मांस, योक, मक्खन, पनीर, मूँगफली, गेंहूँ आदि।

विटामिन ई के फायदे (Vitamin E ke Fayde) – विटामिन E की भरपूर मात्रा से पुरुषो में नपुंसकता और महिलाओ में गर्भपात का खतरा कम होता है।

विटामिन K (Vitamin K)

विटामिन K का रासायनिक नाम फिल्लोक्विनोन या एंटी हिमोरेजिक विटामिन है। इसकी खोज डेम तथा ड्रोयसी ने 1935 में की थी। हमारी बॉडी को प्रतिदिन 0.07- 0.14 मि.ग्रा विटामिन K की आवश्यकता होती है। यह रक्त का थक्का बनाने के लिए प्रोथॉम्बिन का निर्माण करता है।

विटामिन के का रसायनिक नाम (Vitamin K ka Rasayanik naam) – फिल्लोक्विनोन या एंटी हिमोरेजिक विटामिन है।

विटामिन K के लक्षण (Symptoms of Vitamin B3) – रक्त के थक्का निर्माण को बाधित कर रक्तस्त्राव बढ़ाना।

विटामिन के की कमी से होने वाले रोग (Vitamin K Ki kami se hone wale rog) – रक्त स्त्राव (चोटग्रस्त हिस्से से लगातार खून का बहाव होता है)

विटामिन K के स्रोत (Vitamin K ke Strot) – ताजी हरी सब्जियाँ, टमाटर, सोयाबीन, मक्खन, अण्डे आदि।

विटामिन K के फायदे (Vitamin K ke Fayde) – Vitamin K से शरीर में चोट लगने पर रक्त कम बहता है, रक्त पर जल्दी थक्का जमने में मदद मिलती है।

विटामिन के नाम, स्रोत और कमी से होने वाले रोग Vitamin Ke Rasayanik Naam, Rog Aur Strot

विटामिनरासायनिक नामलक्षण/रोग स्रोत
विटामिन Aरेटिनॉल (Retinol)रतौंधी, संक्रमण का खतरा, जीरोप्येलेमियादूध, अण्डा, पनीर, हरी सब्जी, मछली यकृत तेल, मूंगफली, गाजर।
विटामिन B1 थायमिन (Thiamine)बेरी-बेरीतिली, सूखा मिर्च, दाल, यकृत, यकृत तेल, अण्डा एवं सब्जियां
विटामिन B2राइबोफ्लेविन (Riboflavin)त्वचा का फटना, जीभ का फटनाहरी सब्जियां, दूध, मांस
विटामिन B3नायसिन (Niacin)4D syndrome , pellagraमूंगफली, हरी सब्जियां, टमाटर
विटामिन B5Pantothenic acidबाल सफेद होना, मन्द बुद्धि होनामांस, दूध, मूंगफली, टमाटर
विटामिन B6पायरीडॉक्सिन (Pyridoxine)एनीमियायकृत, यकृत तेल, मांस, अनाज
विटामिन B7बायोटिन (Biotin)लकवा,बालों का गिरनादूध, यकृत, यकृत तेल, मांस, अनाज
विटामिन B9Folic acidएनीमियादाल, सब्जियां और अण्डा
विटामिन B12सयनोकोबैल्मिन (Cyanocobalamin)एनीमियादाल, सब्जियां, दूध, मांस
Vitamin-CAscorbic acidस्कर्वी, मसूढ़ो का फूलनानींबू, संतरा, टमाटर, सभी खट्टे पदार्थ
Vitamin-DCalciferolरिकेट्स, आॅस्टियों मलेशिया (वयस्क में)मछली यकृत तेल, दूध, अण्डे
Vitamin-ETocoferol / Ergocalciferolजनन शक्ति का कम होनाहरी पत्तियां वाली सब्जियां, दूध अनाज
Vitamin-KPhylloquinoneरक्त का थक्का न बननाटमाटर, हरी सब्जियां

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आज की इस पोस्ट में दी गई जानकारी की विटामिन क्या है (Vitamin Kya Hota hai), विटामिन कितने प्रकार के होते है (Vitamin kitne prakar ke hote hai), विटामिन की कमी से होने वाले रोग (Vitamin Ki Kami se hone Wale Rog), विटामिन के स्रोत (sources of vitamins), विटामिन की कमी के लक्षण (vitamin ki kami ke lakshan), विटामिन के रासायनिक नाम (vitamin ke rasayanik naam), और विटामिन के फायदे और नुकसान (vitamin ke fayde aur nuksan) आदि सभी जरुरी जानकारी आपको मिल गई होंगी। ऐसे ही पोस्ट के लिए हमारे ब्लॉग https://www.jobfuture.in/ पर विजिट करे।

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