राष्ट्रपति कैसे बनते है ? भारत में राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है ?

यू तो हर देश में राष्ट्रपति होता है। लेकिन हर देश में राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया (President Election Process) अलग-अलग होती है। आज की इस पोस्ट में हम भारत के सर्वोच्च पद पर नियुक्त, राष्ट्रपति (President of india) के चुनाव की प्रक्रिया समझेंगे। जानेंगे की, राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है (rashtrapati ka chunav kaise hota hai in hindi), राष्ट्रपति कैसे बनते है। (Rashtrapati Kaise Bante Hain) राष्ट्रपति का कार्यकाल क्या होता है, कितना होता है (Rashtrapati Ka Karyakal Kya hota hai), राष्ट्रपति की शक्तिया और कार्य क्या होते है (Rashtrapati Ki Shaktiyan aur karya Kya Hai) आदि सभी जरुरी जानकारी, भारत के सर्वोच्च “राष्ट्रपति” के बारे में जानेंगे।

Who is the President राष्ट्रपति कौन होता है ?

भारत में राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च होता है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही देश में कोई नया कानून, धाराएं, किसी कानून को ख़त्म करना, फांसी की सजा से माफ़ करना, जैसे कई बड़े कार्यो का कार्यभार राष्ट्रपति पर होता है। जैसा कि हमने बताया हैं कि राष्ट्रपति देश का सर्वोच्च नागरिक होता है। इसी तरह उप-राष्ट्रपति, राष्ट्रपति के बाद देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक होता है। इसके बाद तीसरे नंबर पर प्रधानमंत्री, चौथे पर राज्यपाल (संबंधित राज्यों के सभी), देश में सबसे बड़े होते है। इस क्रम में आम नागरिक का नंबर 25 वे स्थान पर आता है।

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राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है (rashtrapati ka chunav kaise hota hai in hindi)

आम चुनाव की तरह, राष्ट्रपति का चुनाव जनता के मत से नहीं होता है, बल्कि जनता के वोट से चुने गए प्रतिनिधि ही राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। Rashtrapati ka chuanv में संसद के नामित सदस्‍य और विधान परिषदों के सदस्य हिस्‍सा नहीं लेते क्‍योंकि ये जनता द्वारा सीधे नहीं चुने जाते हैं। इनका चयन राष्ट्रपति के द्वारा ही किया जाता है। इस प्रक्रिया में वोटिंग का अधिकार, जनता के द्वारा चुने हुए विधायक और सांसदों के पास होता है। कुल मिलकर देखा जाये तो ऐसे संसाद/विधायक जिन्हे जनता ने नहीं चुना है वह मतदान नहीं कर पाते है।

  1. भारत के राष्ट्रपति पद के दावेदार, उम्मीदवार को अपना नामांकन दाखिल करना होता है।
  2. राष्ट्रपति चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को नामांकन के लिए 15000 रुपये से अधिक जमा करने होते हैं।
  3. 50 प्रस्तावकों और 50 समर्थकों की एक हस्ताक्षर की हुई सूची जमा करनी होती है. यहाँ ध्यान रखे की प्रस्तावक और समर्थक राष्ट्रपति चुनाव 2022 में मतदान करने के योग्य निर्वाचकों में से कोई भी हो सकता है।
  4. राष्ट्रपति चुनाव में वोट देने योग्य व्यक्ति केवल एक ही उम्मीदवार के नाम का, एक ही बार प्रस्ताव या समर्थन कर सकता है।
  5. राष्ट्रपति चुनाव में सभी निर्वाचित विधायक अपने-अपने राज्य और केंद्र शाषित प्रदेश में तो वहीं सभी निर्वाचित सांसद राज्यसभा और लोकसभा में वोट करते हैं।
  6. वोट डालने के लिए निर्वाचित सांसदों और निर्वाचित विधायकों को मतपत्र दिए जाते हैं।
  7. सांसदों को हरे रंग और विधायकों को गुलाबी रंग का मतपत्र दिया जाता है।
  8. उन्हें विशेष पेन भी दिए जाते हैं, जिसका उपयोग वे अपने वोट रिकॉर्ड करने के लिए कर सकते हैं।
  9. प्रत्येक मतपत्र में उन सभी उम्मीदवारों के नाम होते हैं जो राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे हैं।
  10. निर्वाचक प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अपनी वरीयता को 1 नंबर, 2 नंबर, 3 नंबर के हिसाब से, अपने पसंसीदा उम्मीदवार को 1 नंबर देकर इंगित करता है।
  11. वोटिंग के बाद विधायकों के मतपत्रों को राज्यवार इकट्ठा कर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की ट्रे में डाल दिया जाता है।
  12. इसी प्रकार संसद सदस्यों के मतपत्रों का वितरण किया जाता है।
  13. इस चुनाव में सबसे अधिक वोट प्राप्‍त करने से नहीं बल्कि एक निश्चित कोटे से अधिक मत पाने वाले को विजेता माना जाता है। वेटेज के आधार पर होता है।
  14. इसके लिए उस उम्मीदवार को सांसद और विधायको के कुल वोट के वेटेज का आधे से ज्यादा हिस्सा प्राप्त करना पड़ता है। चुनाव से पहले ही जीतने के लिए कितने वोट चाहिए होंगे, इसका निर्धारण राष्ट्रपति चुनाव में हो जाता है।
  15. अब गिनती शुरू की जाती है और सभी मतो में से पहली वरीयता प्राप्त मतो के अनुसार देखा जाता है कि किसी उम्मीदवार ने निर्धारित वेटेज कोटा प्राप्त किया है या नहीं। यदि पहले चरण में कोई उम्मीदवार कोटा प्राप्त नहीं करता है तो पहले चरण में सबसे कम मत मिलने वाले उम्मीदवार को प्रक्रिया से निकल दिया जाता है।
  16. अब दूसरे चरण में सदस्य द्वारा दिए दूसरी वरीयता के वोट को गिना जाता है और फिर से देखा जाता है कि किसी उम्मीदवार ने निर्धारित कोटा प्राप्त किया है या नहीं। यदि वह कोटा के अनुरूप वोट प्राप्त कर लेता है तो उसे राष्ट्रपति घोषित कर दिया जाता है।
  17. यदि नहीं होता है तो अगली वरीयता के वोट गिने जाते है और सबसे कम वोट वाले उम्मीदवार को प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है।
  18. प्रक्रिया को यदि पूरा करे तो सबसे अंतिम में जो उम्मीदवार शेष रहता है वही विजय घोषित कर दिया जाता है। और राष्ट्रपति का चुनाव पारदर्शी रूप से संपन्न किया जाता है। (एक बात ध्यान रखे कि वोटिंग प्रक्रिया में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य हिस्सा नहीं ले सकते क्योंकि वे जनता द्वारा नहीं चुने गए है)

वेटेज केल्क्युलेशन की प्रक्रिया (विधायक) – विधायक के मामले में जिस राज्य का विधायक हो, उसकी आबादी और उस प्रदेश के विधानसभा सदस्यों की संख्या को भी ध्यान में रखा जाता है। वेटेज निकालने के लिए प्रदेश की पॉपुलेशन को इलेक्टेड एमएलए की संख्या से डिवाइड किया जाता है। इस तरह जो नंबर मिलता है, उसे फिर 1000 से डिवाइड किया जाता है। अब जो आंकड़ा हाथ लगता है, वही उस राज्य के एक विधायक के वोट का वेटेज होता है। 1000 से भाग देने पर अगर शेष 500 से ज्यादा हो तो वेटेज में 1 जोड़ दिया जाता है।

वेटेज केल्क्युलेशन की प्रक्रिया (सांसद) –सांसदों के मतों के वेटेज का गणित अलग है। सबसे पहले सभी राज्यों की विधानसभाओं के इलेक्टेड मेंबर्स के वोटों का वेटेज जोड़ा जाता है। अब इस सामूहिक वेटेज को राज्यसभा और लोकसभा के इलेक्टेड मेंबर्स की कुल संख्या से डिवाइड किया जाता है। इस तरह जो नंबर मिलता है, वह एक सांसद के वोट का वेटेज होता है। अगर इस तरह भाग देने पर शेष 0.5 से ज्यादा बचता हो तो वेटेज में एक का इजाफा हो जाता है।

Rashtrapati Kon Ban sakta hai राष्ट्रपति बनने के लिए योग्यता।

राष्‍ट्रपति पद के लिए उम्‍मीदवार में अनुच्छेद 58 के तहत, एक उम्मीदवार को राष्ट्रपति के पद का चुनाव लड़ने के लिए निम्न योग्यता होनी चाइये।

  • उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • 35 वर्ष की आयु पूरी करनी चाहिए।
  • लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो।
  • कम से कम 50 मतदाताओं का समर्थन होना चाहिए।
  • भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन या किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के अधीन किसी भी उक्त सरकार के नियंत्रण के अधीन लाभ का कोई पद धारण नहीं किया होना चाहिए।

राष्ट्रपति का कार्यकाल क्या होता है, कितना होता है (Rashtrapati Ka Karyakal Kya hota hai)

राष्ट्रपति पद पर रहकर कोई व्यक्ति जितने समय कार्य कर सकता है। उसे राष्ट्रपति कार्यकाल कहा जाता है। भारत में राष्ट्रपति का चुनाव संसद और राज्य के विधानमंडल के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता हैं। भारत में राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बिना भारत में कोई भी कानून लागू नहीं हो सकता है। इसलिए राष्ट्रपति को भारत का पहला व्यक्ति माना जाता है।

Rashtrapati Ki Shaktiyan aur karya Kya Hai राष्ट्रपति की शक्तिया और कार्य क्या होते है ?

राष्ट्रपति के पास कुछ विशेष शक्तिया होती है। जो भारत में किसी और व्यक्ति के पास नहीं होती है।

राष्ट्रपति की कार्यपालिका शक्तियाँ Executive Power

मंत्रिपरिषद के चुनाव में मदद, संघ के अधिकारोयो को पद से हटाने का अधिकार, SC, ST पिछड़ा वर्ग आयोग की सम्बन्धी अधिकार, राज्यीय परिषद् के गठन।

राष्ट्रपति की विधायी शक्तियाँ Legislative Power

सदन का अधिवेश बुलाने का अधिकार, सदन को सम्बोधित करना, किसी पारित अधिवेषन को कानून बनाना।

राष्ट्रपति की न्यायिक शक्तियाँ Judicial Powers

क्षमादान की शक्ति, परामर्श का अधिकार।

राष्ट्रपति की वित्तीय शक्तियाँ Financial Powers

वित्तआयोग नियुक्ति का अधिकार, आकस्मिक निधि पर नियंत्रण,

राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियाँ Military Powers

तीनो सेनाओ के सेना अध्यक्षों की नियुक्ति का अधिकार।

राष्ट्रपति की राजनयिक शक्तियाँ Diplomatic Powers

विदेशीक क्षेत्र में प्रतिनिधित्व की शक्ति

राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियाँ Emergency Powers

राष्ट्रिय आपदा में निर्णय की शक्ति, राष्ट्रपति शासन लागु करने की शक्ति।

राष्ट्रपति की वीटो शक्तियाँ Vito Powers of the President

किसी विधेयक पर सहमति नहीं देने की शक्ति, विधेयक को पुनःविचार के लिए लौटने की शक्ति।

राष्ट्रपति से जुड़े जरुरी सवाल-जवाब

क्या राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से बड़ा होता है ?

जी, हाँ

राष्ट्रपति का वेतन कितना होता है ?

भारत में राष्ट्रपति का वेतन लगभग 5 लाख होता है।

राष्ट्रपति बनने के लिए कितनी उम्र होनी चाहिए ?

35 वर्ष

क्या राष्ट्रपति किसी की फांसी की सजा माफ़ कर सकता है ?

जी, हाँ

राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने समय का होता है ?

5 वर्ष का

उम्मीद करता हूँ दोस्तों आज ये पोस्ट राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है (rashtrapati ka chunav kaise hota hai in hindi) राष्ट्रपति कैसे बनते है (Rashtrapati Kaise Bante Hain) राष्ट्रपति का कार्यकाल क्या होता है, कितना होता है (Rashtrapati Ka Karyakal Kya hota hai), राष्ट्रपति की शक्तिया और कार्य क्या होते है (Rashtrapati Ki Shaktiyan aur karya Kya Hai) आदि सभी जरुरी जानकारी, भारत के सर्वोच्च “राष्ट्रपति” के बारे में जानकारी आपको पसंद आयी होंगी।

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